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वेद सिर्फ भारत के नहीं, सभी संस्कृति के मूल हैं

राज्यमंत्री बोले अंग्रेजों ने भ्रांतियां फैलाई
आर्य विदेश से नहीं आए
आर्य भारत के मूल निवासी
उज्जैन. वेद सिर्फ भारत देश के ही नहीं सभी संस्कृति के मूल हैं। पुरानी बातों को भुलाया नहीं जा सकता। भूतकाल से सीखे लेकिन उसके कैदी नहीं बनना चाहिये। पुरखों का ज्ञान विज्ञान से हमें सीखना चाहिये। वेद भारत के नहीं मानवता के हैं। वेद वैज्ञानिक ग्रंथ हैं। इन्हीं में ज्ञान का मूल है। वेद सिर्फ भारत का एजेंडा नहीं है यह पूरी दुनिया का एजेंडा है। पहली बार शिक्षा नीति को लेकर 32 हजार लोगों ने सुझाव दिये। ज्ञान विज्ञान,परिवार,संस्कार इसे मॉर्डन एजुकेशन से जोड़ेंगे। 
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यह बात महर्षि सांदीपनि वेद विद्या प्रतिष्ठान की बैठक में आए केन्द्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री सत्यपाल सिंह ने श्री सिटी प्रेस क्लब कार्यालय पर पत्रकारों से चर्चा के दौरान कही। आपने कहा कि वेद विद्या प्रतिष्ठान उनके मंत्रालय के तहत बहुत महत्वपूर्ण संस्थान है,यहां निरंतर गतिविधियां जारी रहेंगी जिसके तहत उज्जैन में वेद सम्मेलन एवं राष्ट्रीय वेद विद्यालय की स्थापना की जाएगी। आपने कहा कि अंग्रेजों द्वारा भ्रांतियां फैलाई गई कि आर्य विदेशी थे। जबकि आर्य मूल निवासी है आर्य सभ्यता में जाति धर्म पर कोई बात नहीं होती थी। अंग्रेज भी मानते हैं कि चरित्र और उत्तम साहित्य भारत में मिलता है। 

दुनिया ने माना पाकिस्तान आतंकी फैक्ट्री
पाकिस्तान आतंक की फैक्ट्री है, इसे दुनिया ने माना है सभी देश पाकिस्तान के खिलाफ एकजुट हो रहे हैं। दाउद पाकिस्तान में रह रहा है लेकिन वह मानने को तैयार नहीं। अब तक दाउद इब्राहिम को पकड़ा नहीं जा सका लेकिन प्रधानमंत्री ने कहा है कि इसे गिरफ्तार करेंगे और इसे लेकर गंभीर प्रयास किये जा रहे हैं। 

सबसे वीभत्स अपराध बलात्कार
महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों में सबसे वीभत्स अपराध है बलात्कार। 90 प्रतिशत मामलों में आरोपी जान-पहचान वाले परिचित-रिश्तेदार होते हैं। सिर्फ कानून बनाने से ही नहीं अब शिक्षा संस्कारों से ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सकती है। 5 से 12 तक की बच्चियों के लिए नया कानून बनाए जाने के लिए सीएम शिवराजसिंह चौहान का अभिनंदन किया जाना चाहिये। यह अच्छा कानून है,मध्यप्रदेश में यदि इसके सार्थक परिणाम आए तो पूरे देश में लागू करवाएंगे। 

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