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कटनी में मिली दो प्रोजेक्टस को रेरा से स्वीकृति

9 प्रोजेक्ट्स की स्वीकृति की प्रक्रिया प्रगतिरत
आप की जानकारी में हो तो करे शिकायत
रेरा में पंजीकृत ही कर सकते है मार्केटिंग और बुकिंग
कटनी. रियल स्टेट सेक्टर में व्याप्त असंतुलन को दूर कर इसे व्यवस्थित करने तथा उपभोक्ताओं के हितों की दृष्टि से इसे और पारदर्शी व जिम्मेदार बनाने के लिये 1 मई 2016 से प्रदेश सहित देश में रेरा-एक्ट प्रभावी हो चूका हैं। इसके अनुसार सभी प्रचलित और नयी आवासीय कॉलोनी, प्रोजेक्ट का रेरा में पंजीयन कराना संबंधित बिल्डर्स को अनिवार्य हो गया हैं। रेरा में पंजीयन नहीं करने वाले कॉलोनी, प्रोजेक्ट अवैध प्रोजेक्ट की श्रेणी में आएंगे। सचिव रेरा चन्द्रशेखर वालिम्बे ने बताया कि वर्तमान में कटनी जिले में कॉलोनी, प्रोजेक्ट के 11 प्रोजेक्ट पंजीयन की प्रक्रिया में हैं। जिनमें से दो प्रोजेक्ट को रेरा की स्वीकृति मिल चुकी है। वहीं 9 के पंजीयन पश्चात स्वीकृति की प्रक्रिया प्रगतिरत् है। इनमें पुष्पगिरी सांई अपार्टमेन्ट और मित्तल मॉल (मल्टीप्लेक्स एण्ड कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स) को रेरा द्वारा स्वीकृति दी जा चुकी है।

वहीं कंस्ट्रक्शन ऑफ 38 एसआर एमआईजी हाउसेस, मानसरोवर कॉलोनी, श्री परिसर में कन्ट्रक्शन ऑफ 64 एलआईजी, 36 ईडब्ल्यूएस फ्लेट व नाईन शॉप्स, शारदा प्रोजेक्ट में कंस्ट्रक्शन ऑफ 49 एलआईजी सेकेंड फेस, 44 एलआईजी फर्स्ट फेस, 21 ईडब्ल्यूएस हाउसेस, 21 एमआईजी प्लॉट्स व 8 शॉप्स, शिवा फॉर्चून सिटि, शिवा फॉर्चून टॉवर, शिवा फॉर्चून होम्स, विलेज कछगवां, द्वारका सिटी और सांई सागर प्रेजेक्ट्स की स्वीकृति की प्रक्रिया प्रगतिरत् है।

यहां कर सकते है आप भी शिकायत
यदि कोई प्रचलित आवासीय-कॉलोनी, प्रोजेक्ट, जिसमे अभी विकास कार्य पूरे ना हुए हों, आमजन की जानकारी में आये, जो रेरा में पंजीकृत ना हो, ऐसे प्रोजेक्ट्स व कॉलोनी की जानकारी रेरा-प्राधिकरण को भोपाल स्थित पते, रेरा-भवन बोर्ड-ऑफिस कैंपस, मेन रोड नंबर-1, भोपाल-462011 तथा secretaryrera@mp.gov.in पर भेजने का अनुरोध आमजनमानस से भी सचिव रेरा ने किया है।

रेरा-एक्ट के लागू होने के बाद किसी भी आवासीय कॉलोनी, प्रोजेक्ट की तब तक मार्केटिंग और बुकिंग नहीं की जा सकती, जब तक उसका रेरा में पंजीयन ना हो जाये। रेरा एक्ट के अंतर्गत आवंटियों के साथ जो भी अनुबंध ेकेदार, बिल्डर्स व प्रमोटर्स करेंगे, उसका पालन उन्हें करना होगा। साथ ही अपने निर्माण कार्य की 05 वर्ष की गारंटी भी लेनी होगी। उन्हें समय पर आवंटितों को डिलीवरी देनी होगी। विज्ञापन ओर ब्रोशर में जो-जो दावे किये जाऐंगे, उनकी पूर्ति बिल्डर्स को करनी होगी। प्रावधान का पालन नहीं करने पर आवंटी उनसे ब्याज सहित भुगतान तथा मुआवजा प्राप्त कर सकेगें।

उल्लेखनिय है कि रेरा प्राधिकरण में विभिन्न जिलो से बिल्डर्स व संप्रवर्तक के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों की त्वरित सुनवाई की जाकर उनका निराकरण किया जाता है। कोई भी आवंटी, घर बै े, रेरा-प्राधिकरण की वेबसाइट www.rera.mp.gov.in पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते है।

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