Top Connect

वैशाख के शुरू होते ही महाकाल का गलंतिका से शुरू हुआ अभिषेक

तीन माह तक चलेगा गलंतिका से अभिषेक
वैशाख कृष्ण प्रतिपदा से शुरू हुआ अभिषेक
ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा तक चलेगा अभिषेक
उज्जैन. वैशाख कृष्ण प्रतिपदा रविवार 1 अप्रैल से ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाना शुरु कर दिए हैं। ऐसे में विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में परम्परानुसार रविवार को भस्मारती के बाद मंदिर पुजारी विकास गुरु के आचार्यत्व में श्री महाकालेश्वर के गर्मगृह में गलंतिका बांधी गई। 

मंदिर के पुरोहित पं रूपम गुरु ने बताया  कि धर्म-सिन्धु पुस्तक के अनुसार अत्र मासे प्रपादान देवे गलंतिका बंधन व्यजनच्छत्रोपान वंदनादिदान महाफलम्। अर्थात् इस मास में प्रपाका दान, देवके गलंतिका (कंठी) बांधना और बीजना (बोवाई) छत्र चन्दन, धान्य आदि के दान का महान फल होता है। वैशाख एवं ज्येष्ठ माह तपन के माह होते है। भगवान शिव का रूद्र एवं नीलकंठ स्वरूप को देखते हुए सतत शीतल जल के माध्यम से जलधार प्रवाहित करने से भगवान शिव प्रसन्न एवं तृप्त होते है तथा प्रजा एवं राष्ट्र को भी सुख समृद्धि प्रदान करते हैं।
15225793790.jpeg
मंदिर के पुजारी प्रदीप गुरु ने बताया कि गलंतिका केवल श्री महाकालेश्वर मंदिर में ही नही अपितु 84 महादेव एवं सम्पूर्ण भारतवर्ष में भी लगाई जाती हैं। इस वर्ष ज्येष्ठ माह में अधिक मास होने के कारण यह गलंतिला एक माह अधिक लगाई जाएगी। वहीं 28 जून 2018 तक (ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा) तक महाकाल का सतत गलंतिका के माध्यम से शीतल जल से अभिषेक किया जाएगा।  गौरतलब है कि श्री महाकालेश्वर भगवान पर बंधी गलंतिका में 11 मिट्टी के कलशों में 11 नदियों के जल से सतत जलधारा प्रवाहित की जाएगी। जो प्रतिदिन प्रातः भस्मार्ती के पश्चात सायं काल पूजन तक रहेगी। 
Watch Video 

Latest News

Top Trending

Connected temple

  • Shree Mahakaleshwar Temple


  • Mahakaleshwar Jyotirlinga - 456006, India