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सेवानिवृत्त विशेषज्ञ एवं स्नातकोत्तर चिकित्सा अधिकारियों की होगी संविदा नियुक्ति

छिंदवाडा में होगी उद्यानिकी महाविद्यालय की स्थापना
255 ग्रामों को घर-घर नल कनेक्शन देने की घोषणा
24 स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन एवं स्थापना की मंजूरी
भोपाल. मध्यप्रदेश में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत विशेषज्ञों की कमी की पूर्ति के लिए मध्यप्रदेश सिविल पदों पर संविदा नियुक्ति नियम अनुसार सेवानिवृत्त विशेषज्ञ एवं स्नातकोत्तर चिकित्सा अधिकारियों की संविदा नियुक्ति की जाएगी। इसका निर्णय आज मुख्यमंत्री कमल नाथ की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में लिया गया।  बैठक में प्रदेश में जवाहर लाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर के अन्तर्गत छिंदवाडा जिले में उद्यानिकी महाविद्यालय की स्थापना का निर्णय लिया गया। महाविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2019-20 से शुरू कर विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा।
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घोघरी तथा वर्धा समूह जल प्रदाय योजना
मंत्रि-परिषद ने बैतूल जिले में मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा क्रियान्वित की जाने के लिए प्रस्तावित घोघरी तथा वर्धा समूह जल प्रदाय योजनाओं लागत क्रमश: 235 करोड़ 87 लाख और 135 करोड़ 39 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति देने का निर्णय लिया गया। इन दोनों योजनाओं का कार्य पूर्ण होने पर बैतूल जिले के कुल 255 ग्रामों को घर-घर नल कनेक्शन के माध्यम से पेयजल व्यवस्था उपलब्ध होगी।

स्वास्थ्य संस्थाओं का उन्नयन/स्थापना
मंत्रि-परिषद ने 5 शहरी एवं 19 ग्रामीण स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन/स्थापना के प्रस्ताव अनुसार 289 पदों की स्वीकृति एवं तत्संबधी संस्थाओं के भवन निर्माण, उपकरण एवं फर्नीचर संस्थापना की अनुमति दी। इसमें शहरी क्षेत्र में जिला चिकित्सालय हरदा के 100 से 200 बिस्तरीय, 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र परासिया जिला छिंदवाड़ा के 100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल, मनावर जिला धार एवं सावेर जिला इन्दौर के 50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल में उन्नयन और ग्राम झोतेश्रवर जिला नरसिंहपुर में 30 बिस्तरीय नवीन सिविल अस्पताल की स्थापना की मंजूरी दी गई।

प्रदेश के 19 ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र हातौद जिला इन्दौर, नानपुर जिला अलीराजपुर का 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, उप स्वास्थ्य केन्द्र मांगलिया जिला इन्दौर, बटलावदी जिला उज्जैन, सलसलाई जिला शाजापुर एवं पटेहरा जिला रीवा, कंदवा गढौला जिला सागर, सुभाषपुरा, मुढेरी जिला शिवपुरी, ग्वारी जिला सिवनी, शाहपुरा जिला डिण्डौरी, तुलसीपार जिला रायसेन का प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन एवं ग्राम सिरकम्वा जिला हरदा एवं रामनगर जिला सतना, पलटवाड़ा, साजापानी, भैसादण्ड एवं मारई जिला छिंदवाड़ा में नवीन उप स्वास्थ्य केन्द्रों की स्थापना किया जाना शामिल है।

जल भंडारण क्षमता की पुनर्स्थापन नीति

मंत्रि-परिषद ने राज्य के जलाशयों की जल भंडारण क्षमता की पुनर्स्थापन नीति स्वीकृति की। नीति के तहत जलाशयों की जल भंडारण क्षमता की पुनर्स्थापना, जलाशय से प्राप्त गाद को कृषकों को प्रदाय कर खेतों की उर्वर क्षमता में वृद्धि, नदियों के पारिस्थितिकीय तंत्र का संरक्षण, गाद/गाद मिश्रित रेत के उपौत्पाद (By Product) का व्यवस्थापन और बांध/जलाशयों के संधारण के लिए राजकोष पर भार बिना निधि की व्यवस्था करना शामिल है। इसमें जिला जबलपुर की रानी अवंतीबाई सागर परियोजना, होशंगाबाद की तवा, खण्डवा की इन्दिरा सागर और शहडोल की बाणसागर परियोजना को शामिल किया गया।

सिंचाई योजना पर ड्रॉप मोर क्रॉप

मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में सिंचाई जल उपयोग दक्षता के उपयुक्त दोहन के लिए भारत सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना पर ड्रॉप मोर क्रॉप को वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक योजना की निरंतरता का अनुमोदन प्रदान किया। इसमें केन्द्रांश राशि 148 करोड़ 20 लाख रूपये तथा राज्यांश राशि 98 करोड़ 80 लाख रूपये कुल राशि 247 करोड़ का अनुमोदन दिया गया है।

अन्य निर्णय

1. मंत्रि-परिषद ने पन्द्रहवी विधानसभा के सदस्यों को लेपटॉप/कम्प्यूटर क्रय करने पर 50 हजार रूपये तक का अनुदान देने की मंजूरी दी। चौदहवीं विधानसभा के सदस्यों को लेपटॉप/कम्प्यूटर क्रय करने पर शासन द्वारा 35 हजार तक का अनुदान दिया जाता था।

2. मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम में महाप्रबंधक के एक पद की भर्ती को स्थगित रखते हुए अपर प्रबंध संचालक के एक नये पद की स्वीकृति इस आधार पर दी कि उक्त पद की पूर्ति भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी की प्रतिनियुक्ति के माध्यम से की जाये। मंत्रि-परिषद ने पिछड़ा वर्ग की सूची से सरल क्रमाँक 57 पर अंकित कोटवार जाति को विलोपित करने का निर्णय लिया।

3. मंत्रि-परिषद ने राज्य की दीर्घकालीन विद्युत की मांग को दृष्टिगत रखते हुए एम.पी. पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा विद्युत मंत्रालय भारत सरकार द्वारा डिजाईन बिल्ड फायनेंस ओन एंड आपरेट (डीबीएफओओ) के लिए जारी मॉडल बिडिंग दस्तावेजों (एम.बी.डी.) के आधार पर 2640 मेगावाट विद्युत क्रय प्रतिस्पर्धात्मक आधार पर करने के लिए आगामी कार्यवाही करने का निर्णय लिया। प्रथम चरण में 1320 मेगावाट और द्वितीय चरण में शेष 1320 मेगावाट विद्युत क्रय किया जायेगा।

4. यह निर्णय भी लिया गया कि नवीन परियोजना की स्थापना मध्यप्रदेश में होने से राज्य को होने वाले संभावित राजस्व लाभ एवं अतिरिक्त रोजगार के दृष्टिगत, विद्युत मंत्रालय भारत सरकार द्वारा 6 मार्च 2019 को डीबीएफओओ के लिए जारी एम.बी.डी. में इस आशय के संशोधन किए जायें कि नई परियोजनाएँ मध्यप्रदेश की सीमा में ही स्थापित की जायेंगी। एम.बी.डी. में संशोधन के लिए मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग से अनुमोदन प्राप्त करने का निर्णय लिया गया।

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